श्रीनगर । जम्मू कश्मीर में पंचायतों और स्थानीय निकायों का कार्यकाल इस वर्ष के अक्टूबर से लेकर नवंबर माह तक खत्म हो जाएगा। जम्मू कश्मीर में अगले कुछ महीनों में नगर परिषद,नगर निगम एवं पंचायतों के चुनाव शुरू हो जाएंगे। इसके लिए राजनीतिक दलों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पिछली बार कई राजनीतिक दलों ने इसका बहिष्कार किया था। जिसके कारण एक दल विशेष के लोग मतदाताओं के बहिष्कार के बाद भी पंचायतों और नगरीय निकायों में काबिज हो गए थे।
इस बार राजनीतिक दलों को अपनी गलती समझ में आ गई है। सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में लग गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी स्थानीय चुनाव को लेकर बड़ी तैयारियां कर रही हैं। इनके कार्यकर्ता और पदाधिकारी गांव गांव जा रहे हैं।
सरकार ने अभी तक विधानसभा के चुनाव नहीं कराए हैं। आशंका व्यक्त की जा रही है, पंचायत एवं नगरीय निकाय के चुनाव को भी सरकार टाल सकती है। इसके बाद भी नगरीय चुनाव को लेकर नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने अपना प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया है। भाजपा के कोर ग्रुप की भी बैठक हुई है। जिसमें नगरीय निकाय के चुनाव के साथ-साथ पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की गई है।
जम्मू कश्मीर में भाजपा 9 साल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को लेकर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। भाजपा ने बूथ स्तर अपने कार्यकर्ताओं को तैनात किया है। भाजपा की रणनीति को देखते हुए अब पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस ने स्थानीय चुनाव लड़ने के लिए बड़ी तैयारियां शुरू कर दी हैं।