जनजातीय समुदाय के उत्पीड़न के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन
कोलकाता । पश्चिम बंगाल के कालियागंज में पिछले सप्ताह 17 वर्षीय लड़की की मौत की पृष्ठभूमि में जनजातीय समुदाय के उत्पीड़न के खिलाफ भाजपा की ओर से आयोजित 12 घंटों के बंद के चलते शुक्रवार को उत्तरी बंगाल के 8 जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। कूच बिहार जिले में प्रदर्शनकारियों ने दो बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जहां से भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और तीखी नोकझोंक की भी खबर है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि अन्य स्थानों पर बंद शांतिपूर्ण रहा और 100 प्रदर्शनकारियों को क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने एनबीएसटीसी द्वारा संचालित दो बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्य के उत्तरी हिस्सों में विभिन्न जगहों पर सड़क जाम की। इससे पुलिस बल की भारी तैनाती के बावजूद सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, रायगंज, कालियागंज, तूफानगंज, बलरामपुर, कूचबिहार शहर में शुक्रवार को सुबह छह बजे शुरू हुई 12 घंटों की हड़ताल के कारण दुकानें और बाजार बंद रहे और लोग घरों में ही रहे। बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर बंद शांतिपूर्ण रहा। हमारे अधिकारी सतर्क थे और कानून व्यवस्था को बाधित करने के किसी भी प्रयास को टाल दिया।
तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बंद के खिलाफ जवाबी रैलियां निकालीं और लोगों से सामान्य जनजीवन को बनाए रखने का आग्रह किया। भाजपा मंडल अध्यक्ष अनंत डे सरकार ने आरोप लगाया कि कालियागंज में पिछले कुछ दिनों के दौरान जो कुछ हुआ उसके खिलाफ हमने बंद का आयोजन किया। मैं बंद के समर्थन में एक शांतिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा था कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हम पर अचानक हमला कर दिया। प्रशासन ने बृहस्पतिवार को ही भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करके उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज में इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी थी।