नई दिल्ली । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 100वीं बार जनता से अपने मन की बात की। पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम को लेकर लोक गायिका मालिनी अवस्थी की प्रतिक्रिया सामने आई है। मालिनी अवस्थी ने कहा कि इस बात के लिए बधाई दी जानी चाहिए कि भारत के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाले आकाशवाणी और दूरदर्शन, जो कि बातचीत का एक शसक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री मोदी ने उसे समझा और देश की बेहतरी के लिए उसका इस्तेमाल किया। मालिनी अवस्थी ने कहा कि इंदिरा गांधी के बाद प्रधानमंत्री मोदी ही हैं, जिन्होंने संचार माध्यम को देश के लोगों से जुड़ने का माध्यम बनाया। उन्होंने कहा कि आज जब वह पीएम के मन की बात कार्यकर्म को सुन रही थीं तो गौर किया कि उन्होंने 7/8 कहानियों पर प्रकाश डाला। किस तरह से पीएम की नजर किसी व्यक्ति के अच्छे काम पर गई। उन्होंने उसका जिक्र मन की बात में किया और उनसे मुलाकात भी की। उन्होंने ये भी दिखाया कि मन की बात के बाद उनके जीवन पर क्या फर्क पड़ा। लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि वह तीन-चार बातों का जिक्र कर रही हैं, जैसे सेल्फी विद डॉटर, बेटी का पिता होने पर गर्व महसूस करवाया, दूसरा एक बार दीपावली पर प्रधानमंत्री ने कुम्हार के दीयों का इस्तेमाल करने के लिए कहा। उनकी इस पहल से इतना असर हुआ कि अयोध्या में दीये ढूंढे से नहीं मिल रहे थे। पीएम ने अपने कार्यक्रम के जरिए खादी को बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री की कही बातें लोगों के लिए फेशन स्टेटस बन गईं। उनकी बातों से स्वदेशी पर्यटन को बढ़ावा मिला। आज यूनेस्को के डीजी से जब बात हुई तो उन्होंने यही पूछा कि आप हैरिटेज और एजुकेशन को कैसे मिलाएंगे तो प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि लोग धरोहरों से जुड़े हुए हैं। मन की बात से बड़ा बदलाव आया है। मालिनी अवस्थी ने कहा कि उनको लगता है कि देश का नेरेटिव बदलने में एक बहुत बड़ा हाथ मन की बात कार्यक्रम का भी है। पीएम ने अपनी बातचीत में कोई पक्ष छोड़ा नहीं है, कला पर भी बात की है। जनजातीय समाज की सभी परपंराओं पर बात की। पोषण, मोटा अनाज, शिक्षा, खेल सभी विषयों पर बात की। वह चाहती हैं कि पीएम मन की बात में लोक कला पर भी बात करें।अगर शास्त्रीय संगीत पर भी चर्चा हो तो अच्छी बात है।