Home Crime शाइस्ता परवीन के 6 वकीलों और 20 मददगारों की लिस्ट तैयार, 10 बैंक खाते फ्रीज

शाइस्ता परवीन के 6 वकीलों और 20 मददगारों की लिस्ट तैयार, 10 बैंक खाते फ्रीज

0
शाइस्ता परवीन के 6 वकीलों और 20 मददगारों की लिस्ट तैयार, 10 बैंक खाते फ्रीज

ईडी ने भी अतीक एंड कंपनी शिकांजा कसा
लखनऊ । माफिया अतीक अहमद की फरार पत्नी शाइस्ता परवीन के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने 6 वकीलों और 20 मददगारों की लिस्ट बनाई है, जिसकी मदद से शाइस्ता छिपती फिर रही है। ईडी ने भी शाइस्ता के खिलाफ एक्शन शुरू कर दिया है। शाइस्ता को लेकर 50 बैंक खातों पर एजेंसी की नजर है। इसमें 10 खातों की सीज कर दिया गया है। शाइस्ता पर शिकंजा कसने के साथ ही जेल में बंद उसके बेटे उमर और अली की भी मुश्किलें बढ़ गई है। अतीक के करीबी बिल्डर मोहम्मद मुस्लिम ने उमर और अली सहित 6 लोगों पर केस दर्ज कराया है। आरोप है कि उमर, अली, असाद कालिया, अजय, एहतेशाम व नुसरत ने उस गाड़ी में खींचकर किडनैप किया।
मोहम्मद मुस्लिम का आरोप है कि प्रयागराज के देवघाट में उसकी बेशकीमती पैतृक जमीन है, इसकी कीमत 15 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है, अतीक उस लेना चाहता था जबकि वह इसके लिए राजी नहीं था, उस धमकाया व प्रताड़ित किया गया, इसी को लेकर 2007 में वह लखनऊ चला गया, हालांकि इसके बाद भी प्रताड़ित किया जाता रहा।
हालांकि मुस्लिम खुद प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर कुल 16 मुकदमे धूमनगंज, कर्नलगंज, खुल्दाबाद, करेली में दर्ज हैं। उस पर लखनऊ के वजीरगंज थाने में भी केस दर्ज है। उस पर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। पिछले साल उमेश पाल ने भी उस पर एक करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में नामजद कराया था। इस बीच ईडी को 50 से ज्यादा बैंक खातों की डिटेल्स मिली है, जिससे अतीक का परिवार मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था। 10 से ज्यादा बैंक खातों को ईडी ने फ्रीज कर दिया है और बाकी बैंक अकाउंट्स को भी फ्रीज करने की तैयारी है।
ईडी ने 20 से ज्यादा कंपनियों की पहचान की है, जिसमें शाइस्ता के करीबी काला पैसा व्हाइट करने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। ईडी को 3 कंस्ट्रक्शन कंपनियों की जानकारी मिली है, जो अतीक द्वारा जोर-जबर्दस्ती कर हथिया गई जमीनों पर बिल्डिंग बनाने का काम कर रही थी। ईडी ने अतीक के दोनों चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। जांच में सामने आया है कि शाइस्ता के करीबियों ने 20 से ज्यादा शेल कंपनियों को मुंबई, कोलकाता जैसे शहरों में पंजीकृत कराया था। इनके जरिए अतीक की काली कमाई को खपाया जा रहा था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here