बलरामपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के एक्शन प्लान एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लल्लू सिंह के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में स्थायी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार विषय पर एक विधिक साक्षरता व जागरुकता शिविर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश विमल प्रकाश आर्य की अध्यक्षता में 17 अप्रैल, 2023 को नगर पालिका परिषद, बलरामपुर सभागार में आयोजित किया गया है, जिसमें सचिव द्वारा आम जनमानस स्थायी लोक अदालत के विषय में जागरूक करते हुये जानकारी दी गयी।
उन्होंने कहा कि जनपद न्यायालय बलरामपुर में स्थित कार्यालय विधिक सेवा प्राधिकरण के भवन में स्थित वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र में संचालित स्थायी लोक अदालत बलरामपुर में वाद/मुकदमों के त्वरित निस्तारण हेतु यातायात से सम्बन्धित मामले, डाक तार व दूरभाष से सम्बन्धित, अस्पताल एवं औषधालय से सम्बन्धित मामले, बीमा, बैंकिग फाइनेन्स आदि से सम्बन्धित मामले में वाद/मुकदमें नि:शुल्क दाखिल किये जा सकते है। साथ ही साथ उनके द्वारा स्थायी लोक अदालत की विशेषताओं, मामलों के निस्तारण होने पर न्याय शुल्क नहीं लगती है, किसी पक्ष को सजा नहीं होती है, मामले को सुलह-समझौता(बातचीत) द्वारा सरलता से हल किया जाता है, मुआवजा और हर्जाना तुरन्त मिल जाता है, मामले का निपटारा तुरन्त होता है, व्यक्ति स्वयं अपना पक्ष रख सकता है। किसी अधिवक्ता की कोई आवश्यकता नहीं रहती, सभी को आसानी से न्याय मिल जाता है आदि की विस्तृत जानकारी दी गयी। जिला मेमोरियल पुरुष अस्पताल में आम जनमानस को सरवाइकल कैंसर के विषय में जागरूक किया गया। इस दौरान तहसीलदार सदर रामाश्रय, प्रभारी अधिशाषी अधिकारी राजमणि वर्मा, टी0एस0सी0 साधना, हर्षित कुमार मिश्रा, अनिल, रोहित देव त्रिपाठी, राजेश रत्नम, राधेश्याम यादव, नागेन्द्र कुमार व अन्य कर्मचारी, पी0एल0वी0 मौजूद थे। उन्होंने बताया कि दिनांक 13 मई, 2023 को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में यातायात, लघु आपराधिक प्रकरण, नगरपालिका आदि से सम्बन्धित मामलों एवं बैंक, लम्बित एवं प्री-लिटिगेशन, सभी सुलह योग्य आपराधिक वादों, सिविल वादों, भूमि अधिग्रहण वादों, चकबन्दी वादो, श्रम मामलों, माध्यस्था प्रकरणों, नगरपालिका/नगर निगम टैक्स वसूली आदि मामलों को पक्षकारों की सहमति से लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त विद्युत, दाखिल खारिज, शिक्षा का अधिकार, राशन कार्ड, जाति एवं आय प्रमाण पत्र, आदि प्रकरणों/वादों को सुलह समझौता के आधार पर तथा अर्थदण्ड अधिरोपित करके किया जायेगा। उनके द्वारा आगामी 13 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत में आम जनमानस को अधिक से अधिक संख्या में वादों/प्रकरणों का सुलह-समझौता के माध्यम से निस्तारण कराने की अपील की गयी।